क्रिएटिनिन किडनी के लिए जहर है

क्रिएटिनिन किडनी के लिए जहर है

 

किडनी के लिए जहर है क्रिएटिनिन, इस गंदगी को बाहर निकाल सकते हैं आयुर्वेदिक नुस्खे

 

 

क्रिएटिनिन का उच्च स्तर होना इस बात का संकेत हो सकता है कि किडनी में कुछ गड़बड़ है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब हमारा शरीर भोजन को ऊर्जा में बदलता है, तो यह क्रिएटिनिन बनाता है। गुर्दे को इसे रक्त से छानना चाहिए, लेकिन अगर वे ऐसा ठीक से नहीं कर पाते हैं, तो इससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। क्रिएटिनिन एक अपशिष्ट उत्पाद है जो हमारा शरीर भोजन से ऊर्जा का उपयोग करते समय बनाता है। आम तौर पर, हमारे गुर्दे क्रिएटिनिन को हटाकर रक्त को साफ करने में मदद करते हैं, और जब हम पेशाब करते हैं तो हम इसे बाहर निकाल देते हैं। अगर किसी व्यक्ति का क्रिएटिनिन स्तर उच्च है, तो इसका मतलब हो सकता है कि उसके गुर्दे ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। क्रिएटिनिन का स्तर बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे बहुत सारा प्रोटीन खाना, बहुत ज़्यादा व्यायाम करना या कुछ सप्लीमेंट लेना। क्रिएटिनिन का स्तर क्या है?

आंवला खून को साफ करके शरीर को डिटॉक्सीफाई करने में मदद करता है। लोग किडनी फेलियर और डायबिटीज से अक्सर एक साथ पीड़ित होते हैं। इसलिए ऐसे लोगों के लिए आंवला ब्लड शुगर और क्रिएटिनिन दोनों को नियंत्रित करने में मदद करके दोनों बीमारियों को मैनेज करने में मदद करता है। किडनी की बीमारी से पीड़ित मरीजों में अक्सर इम्यूनिटी कम होती है। आंवला में प्रचुर मात्रा में विटामिन C पाए जाने के कारण इससे इम्यूनिटी बढ़ती है।

हल्दी पीले और नारंगी रंग का मसाला होता है जिसका आयुर्वेदिक उपायों में उपयोग किया जाता है। हल्दी से स्वास्थ्य को कई लाभ मिलते है। हल्दी किडनी के कार्य को बेहतर बनाने में भी मदद करती है। हल्दी में सक्रिय यौगिक करक्यूमिन, एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होता है। इन सभी की वजह से किडनी में सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम होता है। अपने भोजन में हल्दी शामिल करना या गर्म दूध में हल्दी डालकर पीने से क्रिएटिनिन के लेवल को कम करने में मदद मिलती है। इसके अलावा चूंकि हल्दी में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, इसलिए यह शरीर को संक्रमण से लड़ने में भी मदद करती है।
आयुर्वेद साबुत अनाज जैसे जौ, बाजरा और भूरे चावल के सेवन को अच्छा मानता है। ये अनाज फाइबर, विटामिन और मिनरल से भरपूर होते हैं और किडनी के लिए ये पौष्टिक और अच्छे माने जाते हैं। इन अनाजों को अपने डाइट में शामिल करने से किडनी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, ऊर्जा बढ़ाने और क्रिएटिनिन के लेवल को कम करने में मदद मिल सकती है।
आयुर्वेद में दाड़िमा के नाम से मशहूर अनार को आयुर्वेद में बहुमूल्य फल माना गया है। अनार में एंटीऑक्सीडेंट गुण और पुनिकैलागिन ज्यादा मात्रा में पाए जाते हैं इसलिए ये किडनी को नुकसान से बचाने और क्रिएटिनिन के लेवल को कम करने में मदद करते हैं। ताजा अनार खाने या जूस पीने से किडनी को स्वस्थ रखा जा सकता है।
पुनर्नवा (बोरहविया डिफ्यूसा) और गोक्षुरा (ट्राइबुलस टेरेस्ट्रिस) जैसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का उपयोग पारंपरिक रूप से किडनी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए किया जाता रहा है। पुनर्नवा एक मूत्रवर्धक के रूप में कार्य करता है और क्रिएटिनिन सहित अपशिष्ट उत्पादों को खत्म करने में मदद करता है। गोक्षुरा किडनी के कार्य को बेहतर बनाता है और मूत्र के उत्पादन को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। हालांकि इन जड़ी-बूटियों को कितना खाना है और इनका सेवन कैसे करना है इसको समझने के लिए DR S M BHATT  आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से राय लेनी चाहिए।

 

 

क्रिएटिनिन लेवल को कम करने के घरेलू उपाय (Home Remedies to Reduced Creatinine Level)
क्रिएटिनिन लेवल को कम करने के लिए सबसे पहले लोग घरेलू नुस्ख़ों पर विश्वास करते हैं।  पतंजलि के विशेषज्ञों द्वारा पारित कुछ घरेलू उपायों के बारे में यहां बताया जा रहा है जिससे क्रिएटिनिन के लेवल को कम किया जा सकता है।

हर्बल टी क्रिएटिनिन लेवल को कम करने में फायदेमंद (Herbal Tea Beneficial to Reduce Creatinine Level)
Herbal tea to Reduce Creatinine Level

–माना जाता है कि कुछ खास तरह की हर्बल चाय ब्लड में उपस्थित क्रिएटिनिन की मात्रा को कम करने में सहायता करती हैं। हर्बल चाय किडनी को अधिक मूत्र उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करती है। इस तरह अधिक मात्रा में क्रिएटिनिन शरीर के बाहर निकल जाता है। इसलिए बढ़े हुए क्रिएटिनिन के स्तर को कम करने के लिए नियमित रूप से हर्बल टी लें। रोजाना लगभग 250 ml तक हर्बल टी जरूर पिया करें।

नेट्ल लीफ (बिच्छु बुटी) क्रिएटिनिन लेवल को कम करने में फायदेमंद (Nettle Leaf Beneficial to Reduce Creatinine Level)
नेटल लीफ आपके रेनल एक्सक्रीशन को बढ़ाने में मदद कर सकती है, साथ ही ये ज्यादा मात्रा में मौजूद क्रिएटिनिन को भी बाहर निकालने में मदद कर सकती है। नेटल लीफ को सप्लिमेंट्स के रूप में लिया जा सकता है या फिर इसे चाय के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं। नेटल लीफ भी मूत्र निष्कासन को बढ़ाकर अतिरिक्त क्रिएटिनिन को भी बाहर निकालने में मदद करते हैं। नेटल में हिस्टामिन नामक तत्व होता है जो किडनी में पहुंचकर ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाते हैं। इससे यूरीन फिल्ट्रेशन बढ़ जाता है। नेटल लीफ को आप सप्लीमेंट्स के रूप में या चाय बनाकर पी सकते हैं।


सैल्विया क्रिएटिनिन लेवल को कम करने में फायदेमंद (Salvia Beneficial to Reduce Creatinine Level)
सैल्विया एक तरह का हर्ब होता है, जो ग्लोगेरुलर फिल्ट्रेशन रेट को बढ़ाने में मदद कर सकती है, जो कि क्रिएटिनिन को बाहर निकालने में मदद कर सकता है। सैल्विया में लिथेस्पर्मेट-बी होता है, जो कि रेनल फंक्शन को बढ़ावा देने में मदद करता है।

पानी क्रिएटिनिन लेवल को कम करने में फायदेमंद (Water Beneficial to Reduce Creatinine Level)
Drinking water to Reduce Creatinine Level

शायद आप विश्वास नहीं करेंगे कि डिहाइड्रेशन की वजह से भी आपका क्रिएटिनिन का लेवल बढ़ सकता है। शरीर में पानी की कमी होगी तो मूत्र का निष्कासन भी कम होगा। यूरिन के जरिये ही क्रिएटिनिन शरीर से बाहर निकलता है इसलिए ऐसे में यूरिन में कमी की वजह से इस विषैले पदार्थ का भी बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। दिनभर में सात से आठ ग्लास पानी पीना ही चाहिए। डिहाइड्रेशन की वजह से आपका क्रिएटिनिन लेवल बढ़ सकता है। इसलिए आपको हमेशा हाईड्रेटेड बने रहना बेहद जरूरी होता है।

गाजर के सेवन से गुर्दे के रोग से राहत (Carrot Beneficial for Healthy Kidney)
गाजर के रस के सेवन से गुर्दे के रोगों में आराम मिलता है।

बेल के गुदे का सेवन गुर्दे के रोग में लाभकारी (Wood Apple Benefits in Kidney Disease)
बेल के गूदे के सेवन से भी लाभ होता है परंतु इसका नियमित सेवन जरूरी है।

सेब गुर्दे के लिए फायदेमंद (Apple Beneficial for Kidney Disease)
सेब खाने से गुर्दे के रोग ठीक हो जाते हैं।


डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए ? (When to See a Doctor?)
क्रिएटिनिन का बढ़ जाना समस्या नहीं है। क्रिएटिनिन के बढ़ जाने पर तुरन्त डॉक्टर से सम्पर्क करें। निम्नलिखित लक्षण आने पर डॉक्टर से जल्द से जल्द सम्पर्क करना चाहिए-

-मूत्र करने में दिक्कत होना।

-मूत्र का अचानक से कम या ज्यादा आना।

-मूत्र के समय मूत्रनली में दर्द या जलन होना। ऐसा संक्रमण के कारण भी हो सकता है।

-मूत्र के रास्ते खून आना।

-हाथ-पैरों में सूजन आना।

-अधिक थकान, कमजोरी, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता में कमी आना।

AAJ 10 BAJE SUBAH SUNDAY KO 23/3 KO

JOOM MEETING PE FREE SALAH LEN

DIABETIC NEUROPATHY KE DIET SE UPACHAR ON LINE HOON JIS BHAI KO PROBLEM HAI USKO MUFT  SALAH DI JAYEGI VAG BHATT SANSTHAN B 654 GANGA NAGAR MEERUT is inviting you to a scheduled Zoom meeting.

Join Zoom Meeting

https://us04web.zoom.us/j/78557289695...

Meeting ID: 785 5728 9695

Passcode: 12345

 

CREATININE NIKALNE KE LIYE HAMARI DAWA ON LINE BOOK KAREN

1) PUNARNANVA GUGGLU

2) KIDNEY CARE PLUS CAPSULE

3) KIDNEY CARE JUICE

4) CURCUMIN GOLD

5) AMLA CAPSULE 

WHATSAPP KAREN DELIVERY FREE 8556092620

 

Back to blog